पाठ एवं आराधना

सुंदरकांड पाठ

Sunderkand Path

पूजा का महत्व एवं विवरण (Overview)

सुंदरकांड गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस का पंचम सोपान है। इसमें हनुमान जी के लंका प्रस्थान, सीता माता की खोज, और लंका दहन के शौर्य का वर्णन है। इसका पाठ करने से हनुमान जी अति प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी संकटों (संकटमोचन) को पल भर में दूर कर देते हैं।

सुंदरकांड पाठ के मुख्य लाभ (Key Benefits)

  • घर से नकारात्मक शक्तियों और भूत-प्रेत बाधाओं का नाश होता है।
  • शनि देव के कुप्रभाव और साढ़ेसाती के कष्टों में राहत मिलती है।
  • भक्तों में अद्भुत आत्मविश्वास, साहस और मानसिक शक्ति का संचार होता है।

मुख्य पूजन सामग्री सूची (Puja Samagri)

* यह एक सामान्य सूची है। तिथि एवं यजमान की सुविधानुसार सामग्री में परिवर्तन किया जा सकता है।

हनुमान जी और राम दरबार की मूर्ति या चित्र
चमेली का तेल, सिंदूर (चोला चढ़ाने के लिए)
बूंदी के लड्डू या गुड़-चना का प्रसाद
लाल फूल, तुलसी दल, धूप-दीप, सुंदरकांड की पुस्तकें
अनुमानित अवधि2-3 घंटे
सेवा स्थानवाराणसी, लखनऊ एवं निकटवर्ती क्षेत्र (या ऑनलाइन संकल्प)
वाराणसी वैदिक मंडल संबद्ध