सनातन धर्म सेवा

हमारे आचार्यों का परिचय

काशी एवं प्रयागराज की विद्वत परंपरा से दीक्षित आचार्य, जो पूर्ण श्रद्धा एवं शास्त्रीय विधि के साथ आपके धार्मिक अनुष्ठानों को सफल बनाते हैं।

"श्रद्धावान् लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः"

हमारा मुख्य संकल्प सनातन हिंदू धर्म की प्राचीन ऋषियों द्वारा निर्देशित कर्मकांड परंपरा को उसकी मूल शुद्धता के साथ अक्षुण्ण रखना है। पूजा केवल क्रिया नहीं, बल्कि मन्त्रों की शक्ति और यजमान की अटूट श्रद्धा का दिव्य मिलन है।

शास्त्री

आचार्य सच्चिदानंद जी

अनुभव: 20+ वर्षअयोध्या गुरुकुल दीक्षित

पंडित सच्चिदानंद शास्त्री जीKathavachak

पंडित सच्चिदानंद शास्त्री जी मूलतः अयोध्या की पौराणिक कर्मकांड शैली में प्रशिक्षित हैं। उन्होंने अयोध्या के प्रतिष्ठित गुरुकुल से व्याकरण एवं कर्मकांड में अपनी शिक्षा पूरी की है और शास्त्री की उपाधि प्राप्त की है। वे पिछले दो दशकों से अधिक समय से विभिन्न मांगलिक दोषों के निवारण, नवग्रह यज्ञों, और बड़े अनुष्ठानों का सफल आचार्यत्व कर रहे हैं।

आचार्य जी अपनी मधुर वाणी और सरल भाषा में कथाओं (जैसे श्रीमद् भागवत कथा और रामकथा) के वाचन के लिए विख्यात हैं। वे प्रत्येक श्लोक का अर्थ यजमान को समझाते हुए अनुष्ठान कराते हैं ताकि यजमान पूर्ण भाव के साथ पूजा से जुड़ सके।

विशेषज्ञता क्षेत्र (Areas of Expertise)

श्रीमद् भागवत महापुराण सप्ताह यज्ञ
शिव पुराण एवं देवी भागवत कथा वाचन
महायज्ञ एवं जटिल प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान
कुंडली विश्लेषण एवं मांगलिक दोष शांति
पांडेय

आचार्य श्रवण पांडेय जी

अनुभव: 15+ वर्षकाशी गुरुकुल दीक्षित (शुक्ल यजुर्वेद)

पंडित श्रवण पांडेय जीVedic Ritualist

पंडित श्रवण पांडेय जी शुक्ल यजुर्वेद संहिता के प्रकांड विद्वान हैं। उन्होंने वाराणसी (काशी) के प्रतिष्ठित गुरुकुल से शुक्ल यजुर्वेद, कर्मकांड और वैदिक पद्धति की विधिवत शिक्षा ग्रहण की है। पूजा के दौरान शुद्ध उच्चारण और शास्त्रीय मर्यादाओं का कठोरता से पालन करना आचार्य श्रवण जी की विशेषता है।

वे गृह निर्माण से जुड़ी सभी पूजाओं (जैसे भूमि पूजन, शिलान्यास, द्वार पूजा, नवग्रह स्थापना और गृह प्रवेश) के साथ-साथ शिव आराधना के विशिष्ट पूजाओं के संपादन में अत्यधिक दक्ष हैं। उनका सरल स्वभाव और यजमानों के प्रति सेवा भाव सराहनीय है।

विशेषज्ञता क्षेत्र (Areas of Expertise)

गृह प्रवेश एवं वास्तु शांति महापूजा
रुद्राभिषेक, पार्थिव पूजन एवं महारुद्र यज्ञ
महामृत्युंजय मंत्र जप अनुष्ठान
उपनयन, विवाह एवं षोडश वैदिक संस्कार

क्या आप अपने घर में पूजा अनुष्ठान की योजना बना रहे हैं?

आचार्यों से बात करके आप शुभ मुहूर्त की गणना करवा सकते हैं और पूजा के आवश्यक नियमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क है।