मंत्र जप एवं अनुष्ठान
गायत्री मंत्र अनुष्ठान
Gayatri Mantra Anushthanपूजा का महत्व एवं विवरण (Overview)
वेद माता गायत्री की साधना समस्त पापों का नाश करने वाली और आत्मज्ञान प्रदान करने वाली है। इस अनुष्ठान में प्रतिदिन निश्चित संख्या में गायत्री मंत्रों का जप किया जाता है। अनुष्ठान की पूर्णाहुति यज्ञ, तर्पण, मार्जन और ब्राह्मण भोजन के साथ संपन्न होती है।
गायत्री मंत्र अनुष्ठान के मुख्य लाभ (Key Benefits)
- ✓मन एकाग्र होता है, मानसिक तनाव और अवसाद समाप्त होते हैं।
- ✓जातक के आभा-मंडल (Aura) में शुद्धि और आत्मिक तेज का संचार होता है।
- ✓विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और ज्ञान अर्जन में अत्यंत फलदायी है।
मुख्य पूजन सामग्री सूची (Puja Samagri)
* यह एक सामान्य सूची है। तिथि एवं यजमान की सुविधानुसार सामग्री में परिवर्तन किया जा सकता है।
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माँ गायत्री का चित्र या यंत्र, गायत्री मंत्र जप माला (चंदन या तुलसी)✓
जप की चौकी, कुशा का आसन, पीले या सफेद वस्त्र✓
कलश, नारियल, रोली, चावल, धूप-दीप✓
हवन के लिए बेल की समिधा, गाय का शुद्ध घी, हवन सामग्रीअनुमानित अवधि9 दिन (अथवा संकल्पानुसार)
सेवा स्थानवाराणसी, लखनऊ एवं निकटवर्ती क्षेत्र (या ऑनलाइन संकल्प)
वाराणसी वैदिक मंडल संबद्ध